Example :

कैंडल स्टिक क्या होतें है इन्हें कैसे समझें ? What is Candlestick How to understand them?

अगर आप स्टॉक, कॉमोडिटी या क्रिप्टो मार्केट में ट्रैडिंग या निवेश करतें है तो आपके सामने कैन्डल स्टिक चार्ट काफी बार आया होगा । काफी लोग इसे बड़े अच्छे से समझते है । वही पर काफी लोगों को इसे समझने में दिक्कत होती है । उनकी इस दिक्कत का कारण होता है या तो वह नए नए इस ट्रैडिंग या निवेश की दुनिया में आते है या किसी जान पहचान वाले के जरिए उन्हें कैन्डल स्टिक को जानने के फायदे पता लगते हैं। जिसकी उत्सुकता में वह भी कैन्डल स्टिक को सीखना चाहते है। आज इस लेख में हम कैन्डल स्टिक के बारे में जानेंगे।

कैन्डल स्टिक क्या होती है?

ट्रैडिंग और निवेश की दुनिया में कैन्डल स्टिक का अपना अलग ही महत्व है। जो कोई भी ट्रैडिंग या निवेश करने आता है उसे शुरुआत के दिनों में कैन्डल स्टिक को समझने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। शुरुआत में तो समझ ही नहीं आता है कि यह क्या है ?

सामान्यतः कैन्डल स्टिक दो घटकों से मिलकर बनी होती है। एक हिस्सा बॉडी (BODY) होता है तो दूसरा हिस्सा विक या शैडो (WICK or SHADOW) कहलाता है। मगर इन दो घटकों से मिलकर बनी कैन्डल स्टिक हमें काफी सारी कैंडलस्टिक चार्ट क्या है? अन्य जानकारियाँ दे जाती है।

तो आइये आज जानतें हैं कैन्डल स्टिक के बारे में :

कैन्डल स्टिक कहां से और कब आई ?

हालांकि कैन्डल स्टिक की बीती कहानी बताने से कोई खास फर्क तो नहीं आएगा कैंडलस्टिक चार्ट क्या है? मगर फिर भी इसे जान लेना चाहिए। इसके बनाने वाले का जिक्र न हो तो शरुआत करना अधूरा लगता है।

दो शब्दों में बताना चाहेंगे की कैन्डल स्टिक को जापान में सन 1700 के करीब होमा नाम के एक चावल के व्यापारी ने बनाया था। तब से चलते - चलते आज कैन्डल स्टिक का यह रूप हमारे सामने है।

क्या दिखाती है कैन्डल स्टिक ?

दरअसल एक कैन्डल स्टिक हमें चार तरह की जानकारी देती है:

1. कैन्डल के शुरू होने का स्तर (A)

2. कैन्डल के खत्म या बंद होने का स्तर (B)

3. कैन्डल की उच्चतम स्तर (C)

4. कैन्डल का न्यूनतम स्तर (D)

यह चार जानकारी हमें एक कैन्डल स्टिक देती है। मगर इन चार जानकारियों को देखने और समझने का खेल कैन्डल के रंग पर निर्भर करता है।

कैन्डल स्टिक को संभवतः दो रंगों से प्रस्तुत किया जाता है जिसमे एक रंग तेजी और एक रंग गिरावट को दर्शाता है। आमतौर पर यह लाल और हरे रंग से दर्शाया जाता है। जिसमें हरा रंग तेजी और लाल रंग गिरावट को दर्शाता है। दोनों ही दशाओं में कैन्डल को पढ़ने और देखने का नजरिया बदल जाता है। आइये हम इसे चित्र के द्वारा दर्शाते हैं।

हरे रंग की कैन्डल स्टिक

हरे रंग की कैन्डल स्टिक (GREEN CANDLE STICK) के चित्र में (A) कैन्डल के उस स्तर को दर्शाता है जहा से कैन्डल बनना शुरू हुई है यानि यह नीचे से बनना शुरू होती है । (B) उस स्तर को दर्शता है जहां पर कैन्डल बननी बंद हो जाती है। (C) और (D) को विक या शैडो (WICK OR SHADOW) कहा जाता है। (C) दर्शाती है कि स्तर कितना ऊपर तक गया है मगर वहाँ रुकने की बजाए वापस आ गया। (D) दर्शाती है कि स्तर कितना नीचे तक गिरा मगर वहाँ रुके बिना वापस ऊपर आ गया।

कुछ हरे रंग की कैन्डल स्टिक में नीचे की विक नहीं बनती जिसका मतबल होता है कि कैन्डल शुरू होने के बाद उसके स्तर में कोई गिरावट नहीं आई है।

इसी प्रकार कुछ कैन्डल की ऊपर की विक नहीं होती जिसका मतलब है कि कैन्डल अपने उच्चतम स्तर पर बंद हुई है यानि उसका अधिकतम मूल्य और बंद होने का मूल्य समान होता है।

लाल रंग की कैन्डल स्टिक

मगर लाल रंग की कैन्डल में यह सब थोड़ा उलट होता है। हरे रंग की कैन्डल स्टिक जहाँ स्तर में तेजी को दर्शाती है तो वही लाल रंग की कैन्डल गिरावट को दर्शाती है। हरे रंग की कैन्डल शुरू होने के बाद ऊपर की तरफ बढ़ती है तो वहीं पर लाल रंग की कैन्डल शुरू होने के बाद नीचे की तरफ बढ़ती है।

लाल रंग की कैन्डल स्टिक के चित्र में (A) कैन्डल के उस स्तर को दर्शाता है जहा से कैन्डल बनना शुरू हुई है यानि यह ऊपर से बनना शुरू होती है । (B) उस स्तर को दर्शता है जहां पर कैन्डल बननी बंद हो जाती है। (C) और (D) को विक या शैडो (WICK OR SHADOW) कहा जाता है। (C) दर्शाती है कि स्तर कितना ऊपर तक गया है मगर वहाँ रुकने की बजाए वापस आ गया। (D) दर्शाती है कि स्तर कितना नीचे तक गिरा मगर वहाँ रुके बिना वापस ऊपर आ गया।

इसी प्रकार कुछ लाल कैन्डल की ऊपर की विक नहीं होती जिसका मतलब है कि कैन्डल अपने शुरुआत के स्तर से ही गिरावट को दर्शाती आ रही है और कैन्डल शुरुआती स्तर से एक बार भी ऊपर की तरफ नहीं गई है।

लाल रंग की कैन्डल स्टिक में भी कभी - कभार नीचे की विक नहीं बनती जिसका मतबल होता है कि कैन्डल शुरू होने के बाद उसके स्तर में कोई गिरावट आई है और वह अपने सबसे निचले स्तर पर बंद हुई है यानि कैन्डल स्टिक का न्यूनतम स्तर और बंद होने का स्तर समान होता है।

कैन्डल स्टिक में समय अविधि

कैन्डल स्टिक का पैटर्न अलग - अलग समय अविधि पर अलग - अलग तरह से दिखता है।

बताना चाहेंगे कि आप कैन्डल स्टिक चार्ट पर एक कैन्डल की समय अविधि को भी बदल सकते है, यहाँ हम चार्ट की समय अविधि की बात नहीं कर रहें हैं । एक कैन्डल की समय अविधि को बदलने से एक कैन्डल स्टिक आपको उस निर्धारित समय में कितना उतार-चढ़ाव हुआ है यह सब दर्शाती है।

आप अगर कैन्डल स्टिक चार्ट को 5 मिनट की समय अविधि पर सेट करना चाहते है तो आपको एक कैन्डल 5 मिनट की हलचल को कैन्डल के मध्यम से दर्शाती है।

आप अगर कैन्डल स्टिक चार्ट को 15 मिनट की समय अविधि पर सेट करना चाहते है तो आपको एक कैन्डल 15 मिनट की हलचल को कैन्डल के मध्यम से दर्शाती है और ऐसे ही 1 घंटा , 1 दिन, 1 सप्ताह और 1 साल की अविधि का भी विकल्प होता है।

कैन्डल स्टिक का निष्कर्ष

कैन्डल स्टिक को समान्यतः इसी तरह से पढ़ा जाता है और कोई भी कैन्डल आपको यही चार जानकारियाँ ही देती है। मगर कैन्डल स्टिक से मिलके बनने वाले पैटर्न आपको काफी जानकारियाँ प्रदान करते है। बस आपको इस पैटर्न को कैसे पढ़ना है यह सिखना होता है। कैन्डल स्टिक के और भी कई प्रारूप हमारे सामने आ गए है जैसे कि हालो कैन्डल और हेकनेशी कैन्डल जो कि कैन्डल स्टिक का ही उपयोग कर बनाए गए हैं। पर इन्हें पढ़ने के लिए भी आपको साधारण कैन्डल स्टिक को पढ़ना और समझना आना चाहिए।

Japanese Candlestick क्या हैं ? – 400 साल पुराणी तकनीक।

Japanese Candlestick क्या हैं ?

Japanese Candlestick क्या हैं ?

शेयर बाजार में कई प्रकार के चार्ट होते हैं जैसे की Line Chart, Renko Chart, Heikin Ashi Chart, Kegi Chart इत्यादि।

इनमेसे सबसे ज्यादा प्रसिद्द इस्तमाल किया जाने वाला चार्ट हैं Japanese Candlestick Chart.

Share Market में चाहे बडेसे बड़ा Trader या कैंडलस्टिक चार्ट क्या है? Investor क्यों न हो, ज्यादा तौर पर Candlestick Chart का ही उपयोग करते हैं।

शायद से Candlestick को शेयर मार्किट में मोमबत्ती पैटर्न या मोमबत्ती कहना ठीक नहीं होगा।

इस आर्टिकल मे हम पढ़ेंगे – Japanese Candlestick क्या हैं ? हिंदी मे, Japanese Candlestick की जानकारी, Candlestick सीखना क्यों जरुरी हैं ?, कैंडलस्टिक कितने प्रकार के होते हैं ?, Candlestick के भाग, Candlestick को कैसे समझे ?,Candlestick से हमें क्या पता चलता हैं ?

Table of Contents

1. Candlestick सीखना क्यों जरुरी हैं ?

स्टॉक ट्रेडिंग को सिखने के लिए हमें टेक्निकल एनालिसिस सिखने की जरुरत होती हैं और टेक्निकल एनालिसिस अच्छेसे सिखने के लिए हमें Candlestick को अच्छेसे सीखना बोहोत जरुरी हैं।

क्योकि Candlestick टेक्निकल एनालिसिस की जड़े होती हैं।

2. कैंडलस्टिक कितने प्रकार के होते हैं ?

कैंडलस्टिक के २ प्रकार होते हैं।

एक Bullish कैंडल जो की हरी रंग की होती हैं।

और दूसरी Bearish कैंडल जो की लाल रंग की होती हैं।

जब प्राइस बढ़ कर रुक जाती हैं तो वह हरे रंग की कैंडल यानि के Bullish Candle बनाती हैं।

जब प्राइस घट कर रुक जाती हैं तो वह लाल रंग की कैंडल यानि के Bearish Candle बनाती हैं।

3. Candlestick के भाग

कैंडल स्टिक के ३ भाग होते है।

4. Candlestick को कैसे समझे ?

कैंडलस्टिक में कुल ४ चीजे रहती हैं।

Open, Close, High और Low .

एक उदहारण के तौर पर अगर एक कैंडलस्टिक एक प्राइस पे खुलता या शुरू होता हैं तो उसे हम ओपनिंग प्राइस कहते हैं

उसे दिन प्राइस जितना निचे गया हैं तो उसे हम Lowest Price कहते हैं।

और प्राइस उस दिन जितना ऊपर गया हैं तो उसे हम Highest Price कहेंगे।

और कैंडल जहापे ख़तम हुआ कैंडलस्टिक चार्ट क्या है? हैं तो उसे हम Closing Price कहेंगे।

5. Japanese Candlestick से हमें क्या पता चलता हैं ?

जब शेयर बाजार खुलता हैं और जिस प्राइस पे कैंडलस्टिक खुलती हैं तब हमें उसका Opening Price पता चलता हैं।

जब शेयर बाजार ऊपर या निचे जाता हैं तब हमें Candlestick का Highest Price और Lowest Price पता चलता हैं।

और जब शेयर बाजार बंद हो जाता हैं तब हमें Candlestick का Closing Price पता चलता हैं।

और सारे पिछले Japanese Candlestick से मिलकर एक Candlestick Chart Pattern बनता हैं।

हर एक कैंडलस्टिक स्टॉक में होने वाले उतार चढाव को दिखता हैं एक समय के जरिये।

जैसे की 1 Min,1 Hour,1 Day,1 Week या 1 Month.

6. निष्कर्ष

अगर आप नए ट्रेडर या इन्वेस्टर हो तो Candlestick से अपने शेयर मार्किट सिखने की शुरवात करना बहुत ही अच्छा पर्याय हैं। क्योकि Candlestick Technical Analysis की जढ़ हैं। Candlestick सबसे आसान और जल्दी समझने वाली चार्ट कैंडलस्टिक चार्ट क्या है? पद्धति हैं।

  • (आप Candlestick की प्रैक्टिस Tradingview.com पर कर सकते हैं ।)

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7. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

Q.1. Japanese Candlestick क्या हैं ?

Ans: Japanese Candlestick Technical Analysis में एक तकनीक हैं जिससे हमें किसी शेयर की Open, Close, High और Low Price का पता चलता हैं .

Q.2. Candlestick सीखना क्यों जरुरी हैं ?

Ans: स्टॉक ट्रेडिंग को सिखने के लिए हमें टेक्निकल एनालिसिस सिखने की जरुरत होती हैं और टेक्निकल एनालिसिस अच्छेसे सिखने के लिए हमें Candlestick को अच्छेसे सीखना बोहोत जरुरी हैं।

Q.3. Candlestick के कितने भाग होते हैं ?

Ans: कैंडल स्टिक के ३ भाग होते है।
1. Upper Shadow
2. Body
3. Lower Shadow

Basic of Candle Sticks Charts

Candle Stick basic यह शायद आपको पता भी होगा फिर भी आप इसको 10 बार अवश्य पढ़े. क्योंकि यह सब पैटर्न हर जगह आपको काम आएंगे. यकीन मानिए Candle Stick के साथ आप किसी भी market/stock का Top और Bottom पकड़ सकते है. ट्रेडिंग अकसर भावनाओं से तय होती है, जिसे कैंडलस्टिक चार्ट में पढ़ा जा सकता है।

Candle Stick क्या होती है ?

Candle Stick हमें मार्केट का मूड बताती है, buyer और seller कोन मार्केट पर हावी है वो candle stick से पता चलता है. इसीलिए ये बहुत ही उपयोगी है. Candle Stick chart का उपयोग traders अपने ट्रेड के लिए करते है जो पिछले Candle Stick पेटर्न पर आधारित होता है. Candle Sticks की कई पेटर्न होती है जिसकी मदद से हम अपना ट्रेड बना सकते है और मुनाफा / स्टॉप लोस रख सकते है.

Candle Stick Read केसे करते है ?

Candle stick हमें मुख्यतः: चार price बताते है जिसमें कहा ओपन हुवा, ओपन होने के बाद कहा क्लोज किया और क्लोज होने के दौरान कहा तक ऊपर गया और कहा तक निचे गया.

  • अगर मार्केट ओपन होने के बाद ऊपर क्लोज करता है तो ग्रीन candle बनता है.
  • अगर मार्केट ओपन होने के बाद निचे क्लोज करता है तो रेड candle बनता है.
  • ओपन ओर क्लोज के बिच वाले भाग को बॉडी कहते है.
  • अगर ओपन और क्लोज (बॉडी) के ऊपर / निचे मार्केट जाता है तो, उस पार्ट को अपर शैडो / लोअर शैडो या हाई /लो कहते है.

Example :

अगर कोई स्टॉक 100 रुपए पर ओपन होता है और वो निचे 90 जाता है, ऊपर 120 जाता है और क्लोज 110 पर होता है तो,

  • ओपन और क्लोज मतलब 100 से 110 के बिच ग्रीन candle बनेगी क्योंकि यह स्टॉक ओपन से क्लोज ऊपर हुवा है और इस पार्ट को हम बॉडी कहेंगे.
  • उस समय के दौरान स्टॉक ओपन से निचे जाता है यानी 100 से 90 के पार्ट को हम लो / लोअर शैडो कहेंगे.
  • उस समय के दौरान स्टॉक क्लोज से ऊपर जाता है यानी 110 से 120 के पार्ट को हम हाई / उपर शैडो कहेंगे.

Basic Candlestick Patterns

इस candlestick को हम अलग अलग समय के लिए यूज करते है जो intraday, Short term, Long term के हिसाब से एडजस्ट कर सकते है. candlestick के कई सारे पेटर्न होते है जिसकी हम आगे चर्चा करेंगे.

What is Chart in Stock Market?

विभिन्न समय सीमा पर चार्टिंग (Charting on different time frames)

तकनीकी व्यापारी मूल्य चार्ट (Chart Pattern) का विश्लेषण करते हैं ताकि मूल्य आंदोलन की भविष्यवाणी करने का प्रयास किया जा सके। तकनीकी विश्लेषण के लिए दो प्राथमिक चर माना जाता है समय सीमा और विशेष तकनीकी संकेतक जो एक व्यापारी उपयोग करना चुनता है।

चार्ट (Chart Pattern) पर दिखाए गए तकनीकी विश्लेषण समय सीमा एक मिनट से लेकर मासिक, या यहां तक कि वार्षिक, समय अवधि कैंडलस्टिक चार्ट क्या है? तक होती है। तकनीकी विश्लेषक जिन लोकप्रिय समय-सीमाओं की अक्सर जांच करते हैं उनमें निचे दिए हुवे प्रकार शामिल हैं:

5 मिनट का चार्ट (5 Min Chart)
15 मिनट का चार्ट (15 Min Chart)
प्रति घंटा चार्ट (1 hour Chart)
4 घंटे का चार्ट (4 hour Chart)
दैनिक चार्ट (1 Day Chart)

एक ट्रेडर द्वारा अध्ययन के लिए चुनी गई समय सीमा आमतौर पर उस व्यक्तिगत ट्रेडर की व्यक्तिगत ट्रेडिंग शैली द्वारा निर्धारित की जाती है। इंट्रा-डे ट्रेडर्स जो एक ट्रेडिंग दिन के भीतर ट्रेडिंग पोजीशन खोलते और बंद करते हैं, वे 5 मिनट या 15 मिनट के चार्ट जैसे कम समय सीमा चार्ट पर मूल्य आंदोलन का विश्लेषण करने के पक्ष में हैं। लंबी अवधि के व्यापारी जो रात भर और लंबी अवधि के लिए बाजार की स्थिति रखते हैं, वे प्रति घंटा, 4 घंटे, दैनिक या यहां तक कि साप्ताहिक चार्ट का उपयोग करके बाजारों का विश्लेषण करने के लिए अधिक इच्छुक हैं।

15-मिनट की समयावधि के भीतर होने वाली कीमत में उतार-चढ़ाव एक इंट्रा-डे ट्रेडर के लिए बहुत महत्वपूर्ण हो सकता है, जो एक ट्रेडिंग दिन के दौरान होने वाले मूल्य में उतार-चढ़ाव से लाभ प्राप्त करने के अवसर की तलाश में है। हालांकि, दैनिक या साप्ताहिक चार्ट पर देखा जाने वाला समान मूल्य आंदोलन दीर्घकालिक व्यापारिक उद्देश्यों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण या सांकेतिक नहीं हो सकता है।

कंडेलिस्टिक चार्ट (Candlestick Chart Pattern)

कैंडलस्टिक चार्टिंग पर कीमतों में उतार-चढ़ाव दिखाने का सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला तरीका है। एक कैंडलस्टिक किसी भी समय सीमा के लिए एक ही समय अवधि के दौरान मूल्य कार्रवाई से बनता है।

एक घंटे के चार्ट (Chart Pattern) पर प्रत्येक कैंडलस्टिक एक घंटे के लिए मूल्य कार्रवाई दिखाता है, जबकि 4-घंटे चार्ट पर प्रत्येक कैंडलस्टिक प्रत्येक 4-घंटे की समय अवधि के दौरान मूल्य कार्रवाई दिखाता है।

कैंडलस्टिक्स निम्नानुसार “खींचा” / गठित किया जाता है: एक कैंडलस्टिक का उच्चतम बिंदु उस समय अवधि के दौरान उच्चतम मूल्य की सुरक्षा को दर्शाता है, और कैंडलस्टिक का निम्नतम बिंदु उस समय के दौरान सबसे कम कीमत को इंगित करता है। एक कैंडलस्टिक का “बॉडी” (संबंधित लाल या नीला “ब्लॉक”, या प्रत्येक कैंडलस्टिक का मोटा हिस्सा, जैसा कि ऊपर दिए गए चार्ट में दिखाया गया है) समय अवधि के लिए खुलने और बंद होने की कीमतों को इंगित करता है।

यदि एक नीली कैंडलस्टिक बॉडी बनती है, तो यह इंगित करता है कि क्लोजिंग प्राइस (कैंडलस्टिक बॉडी के ऊपर) शुरुआती कीमत (कैंडलस्टिक बॉडी के नीचे) से अधिक थी; इसके विपरीत, यदि एक लाल कैंडलस्टिक बॉडी बनती है, तो शुरुआती कीमत क्लोजिंग प्राइस से अधिक थी।

कैंडलस्टिक रंग मनमाना विकल्प हैं। कुछ व्यापारी सफेद और काले कैंडलस्टिक बॉडी का उपयोग करते हैं (यह डिफ़ॉल्ट रंग प्रारूप है, और इसलिए सबसे अधिक इस्तेमाल किया कैंडलस्टिक चार्ट क्या है? जाने वाला); अन्य व्यापारी हरे और लाल, या नीले और पीले रंग का उपयोग करना चुन सकते हैं।

जो भी रंग चुने जाते हैं, वे एक नज़र में यह निर्धारित करने का एक आसान तरीका प्रदान करते हैं कि कीमत किसी निश्चित समय अवधि के अंत में अधिक या कम बंद हुई है या नहीं। एक कैंडलस्टिक चार्ट का उपयोग करते हुए तकनीकी विश्लेषण मानक बार चार्ट का उपयोग करने की तुलना में अक्सर आसान होता है, क्योंकि विश्लेषक को अधिक दृश्य संकेत और पैटर्न प्राप्त होते हैं।

शेयर मार्केट चार्ट कैसे पढें | Share Market Chart Kaise Samjhe | How to Read Stock Market Chart

How to Understand Stock Market Chart: यहां हम शेयर मार्केट के विभिन्न चार्ट पैटर्न की अधिक गहराई से समीक्षा करेंगे और चार्ट को समझने के लिए उपयोग किए जाने वाले विभिन्न पैटर्न को समझेंगे। तो आइए जानते है कि Share Market Chart Kaise Samjhe (How to Read Stock Market Chart)

How to read stock charts?: स्टॉक चार्ट को पढ़ना और समझना एक कठिन काम लग सकता है, लेकिन एक बार जब आप कौशल में महारत हासिल कर लेते हैं, तो आप सीख सकते हैं कि विनिंग स्टॉक कैसे खोजें, स्टॉक कैसे खरीदें, और अपने स्टॉक को बेचने के लिए सही समय का पता कैसे लगाएं। एक शेयर मार्केट चार्ट (Stock Market Chart) करंट ट्रेंड और ट्रेंड रिवर्सल की पहचान करने में मदद करता है। यह खरीदने और बेचने के संकेतों को ट्रिगर करने में भी मदद करता है।

एक चार्ट पैटर्न एक अलग गठन है जो एक ग्राफिकल फॉर्म में एक व्यापारिक संकेत और भविष्य के प्राइस मूवमेंट का संकेत बनाता है। एक चार्ट पैटर्न एक निर्धारित समय सीमा में स्टॉक की कीमतों का अंदाजा लगाने में आपकी मदद कर सकता है।

यहां, हम विभिन्न चार्ट पैटर्न की अधिक गहराई से समीक्षा करेंगे और चार्ट को समझने के लिए उपयोग किए जाने वाले विभिन्न पैटर्न को समझेंगे। तो आइए जानते है कि Share Market Chart Kaise Samjhe (How to Read Stock Market Chart)

How to read stock charts in Hindi

1) डेली बार चार्ट (Daily Bar Chart)

डेली बार चार्ट ट्रेडर द्वारा सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला चार्ट है जो महत्वपूर्ण बिजनेस इनफार्मेशन प्रदान करता है, जैसे कि ओपनिंग प्राइस, क्लोजिंग प्राइस मूल्य, उस दिन स्टॉक द्वारा छुआ गया उच्चतम प्राइस और उस दिन स्टॉक द्वारा छुआ गया सबसे कम प्राइस। वर्टीकल लाइन रेंज का प्रतिनिधित्व करती है जबकि हॉरिजॉन्टल लाइन (बाईं ओर इशारा करते हुए) ओपनिंग प्राइस दिखाती है और हॉरिजॉन्टल लाइन (दाईं ओर इशारा करते हुए) क्लोजिंग प्राइस दिखाती है। बार चार्ट को अक्सर OHLC चार्ट (Open-high-low-Chart) कहा जाता है।

2) लाइन चार्ट (Line Chart)

लाइन चार्ट प्रत्येक दिन के क्लोजिंग प्राइस का कैंडलस्टिक चार्ट क्या है? रिकॉर्ड रखते हैं। यह प्रतिदिन प्लॉट किया जाता है और अंत में एक रेखा (Line) बनाता है। दिन के उतार-चढ़ाव और इंट्राडे प्राइस मूवमेंट आदि इनलाइन चार्ट जैसी कोई अन्य जानकारी नहीं है।

3) कैंडलस्टिक चार्ट (Candlestick Chart )

कैंडलस्टिक चार्ट एक अलग फॉर्मेट में प्राइस से संबंधित डेटा को दर्शाता है। चार्ट को दो भागों में विभाजित किया गया है और प्रत्येक को एक लाइन द्वारा दर्शाया गया है। पतली रेखा हाई से लो तक प्राइस लिमिट दिखाती है और रियल एक व्यापक क्षेत्र दिखाता है जो क्लोजिंग और ओपनिंग प्राइस के बीच अंतर का पता लगाने में मदद करता है।

कैंडलस्टिक चार्ट बार चार्ट के समान ही जानकारी देते हैं। वे इसे केवल बेहतर तरीके से पेश करते हैं। जैसे एक बार चार्ट विभिन्न वर्टीकल लाइन से बना होता है, एक कैंडलस्टिक चार्ट आयताकार ब्लॉकों से बना होता है जिसमें दोनों तरफ से रेखाएं निकलती हैं। ऊपरी छोर पर रेखा दिन के हाइएस्ट बिजनेस प्राइस को दर्शाती है। निचले सिरे पर रेखा दिन के सबसे लोवेस्ट बिजनेस प्राइस को दर्शाती है। दिन के कारोबार को इंट्राडे चार्ट में दिखाया जा सकता है। ब्लॉक के लिए ही (बॉडी कहा जाता है), ऊपरी और निचले सिरे दिन के ओपनिंग और क्लोजिंग प्राइस को दर्शाते हैं।

4) पॉइंट एंड फिगर चार्ट (Point and Figure Chart)

स्टॉक की कीमतों का एक ग्राफिकल प्रतिनिधित्व पॉइंट और फिगर चार्ट में देखा जा सकता है। यह कीमत बढ़ने पर एक्स (X's) के कॉलम और कीमत गिरने पर Os के कॉलम को प्लॉट करके दिशा में बदलाव के खिलाफ कीमत प्लॉट करता है।

5) कैंडलस्टिक चार्ट क्या है? हेड एंड शोल्डर (Head and Shoulder)

यह एक Reversal चार्ट पैटर्न है जो सिक्योरिटीज की मूवमेंट को दर्शाता है। टॉप एक ऊपर की ओर आंदोलन के उच्च स्तर पर बनता है और संकेत देता है कि ऊपर की ओर ट्रेंड समाप्त होने वाली है और नीचे को एक उलटा संकेत और एक डाउनट्रेंड में एक रिवर्स के रूप में जाना जाता है। जब एक चाल के बाद एक और गिरावट आती है जो पिछले दो मौकों पर कीमत को वापस ले जाती है, तो इसे नेकलाइन कहा जाता है।

Price Target= Neckline Price – (Price at the Head- Neckline Price)

6) रेंज बार (Range Bar)

रेंज बार चार्ट केवल कीमत पर आधारित होते हैं। वे व्यापारियों को अस्थिरता को अलग तरह से देखने और अपने लाभ के लिए इसका उपयोग करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। प्रत्येक रेंज बार में कम रेंज कैंडलस्टिक चार्ट क्या है? होती है और पिछली बार की हाई-लो रेंज के बाहर खुलती है। प्रत्येक रेंज बार अपने हाई (High) या लो (Low) पर बंद हो जाता है।

7) कलर्ड लाइन चार्ट (Colored Line Chart)

अगर करंट इंटरवल का क्लोजिंग प्राइस पिछले इंटरवल से कम है और अगर यह अधिक है तो कलर्ड लाइन चार्ट लाइन सेगमेंट को लाल रंग से मूल्य में उतार-चढ़ाव का बेहतर दृश्य देते हैं। यह एक व्यापारी या निवेशक को एक विशिष्ट अवधि में स्टॉक के प्रदर्शन का जल्दी से आकलन करने की अनुमति देता है।

8) माउंटेन चार्ट (Mountain Chart)

इसे एरिया चार्ट के रूप में भी जाना जाता है, एक माउंटेन चार्ट एक लाइन चार्ट है जिसमें रंग से भरी रेखा के नीचे की जगह होती है और चार्ट को माउंटेन रेंज का एक रूप देता है। यह स्टैण्डर्ड लाइन चार्ट जैसी अन्य सभी जानकारी प्रदान करता है।

9) बेसलाइन चार्ट (Baseline Chart)

एक बेसलाइन चार्ट आपके द्वारा निर्धारित बेसलाइन के चारों ओर एक लाइन चार्ट प्लॉट करता है। बेस लाइन के ऊपर का एरिया हरे रंग का है और नीचे का एरिया लाल रंग का है।

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